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देहरादून, 60 घंटे बाद पानी की टंकी से उतरे नर्सिंग अभ्यर्थी और ज्योति रौतेला, सरकार के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित

देहरादून। राजधानी के परेड ग्राउंड के पास पिछले तीन दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा बुधवार को समाप्त हो गया। अपनी मांगों को लेकर करीब 60 घंटों से पानी की टंकी पर डटे चार नर्सिंग अभ्यर्थी और कांग्रेस महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सरकार से मिले ‘उचित आश्वासन’ के बाद नीचे उतर आए हैं।

​प्रदेश में नर्सिंग भर्ती परीक्षा को वर्षवार (Year-wise) कराए जाने की मांग को लेकर नर्सिंग अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलनरत थे। सरकार के साथ कई दौर की वार्ता विफल होने के बाद सोमवार सुबह अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया। रोष प्रकट करते हुए चार नर्सिंग कर्मी और उनके समर्थन में कांग्रेस नेत्री ज्योति रौतेला परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए थे।

​लगातार 60 घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन के हाथ-पांव फूले रहे। अंततः सरकार की ओर से ठोस सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद सभी प्रदर्शनकारी नीचे उतरने को राजी हुए।

​रेस्क्यू ऑपरेशन: एसडीआरएफ (SDRF) और फायर सर्विस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पांचों लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा।
​विपक्ष का साथ: इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मौजूद रहे। उन्होंने अभ्यर्थियों के संघर्ष की सराहना की और प्रशासन के साथ समन्वय बनाया।
​एक माह के लिए आंदोलन स्थगित

​टंकी से उतरने के बाद नर्सिंग अभ्यर्थियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे सरकार के आश्वासन पर भरोसा कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर उन्होंने अपना धरना-प्रदर्शन फिलहाल एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि यदि एक माह के भीतर उनकी मांगों पर शासनादेश या ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पुनः उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

​मांग: नर्सिंग भर्ती को वर्षवार मेरिट के आधार पर कराना।
​अवधि: 60 घंटे तक टंकी पर रहे प्रदर्शनकारी।
​मध्यस्थता: सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच वार्ता सफल।
​अगला कदम: 30 दिनों तक सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे अभ्यर्थी।

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