उत्तराखंड

चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर

चारधाम यात्रा 2025 को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। विशेष रूप से सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम का सामना न करना पड़े।

संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा मार्गों का विस्तृत सर्वे कराया गया है। सर्वे रिपोर्ट में चिन्हित छोटी-छोटी कमियों को दूर करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसमें PWD, BRO और NHAI जैसी एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।

गंगोत्री और यमुनोत्री की ओर जाने वाले सक्रिय मार्ग – विकासनगर से यमुना ब्रिज होते हुए – पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह एकतरफा मार्ग होने के बावजूद लोकल वाहनों की आवाजाही दोनों ओर से होती है, जिससे सुरक्षा चुनौती बनती है। इसे ध्यान में रखते हुए क्रैश बैरियर लगाने को प्राथमिकता दी जा रही है।

सड़क पर ओवरस्पीडिंग, रेस ड्राइविंग और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं की निगरानी के लिए इंटरसेप्टर वाहन तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, अधिकारियों को स्पीड निर्धारण की ट्रेनिंग दी गई है ताकि वे आवश्यकता अनुसार गति सीमा तय कर सकें।

यात्रा मार्गों पर जगह-जगह स्पीड लिमिट बोर्ड लगाए जा रहे हैं और सभी जरूरी तैयारियों को यात्रा आरंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।

परिवहन विभाग का यह प्रयास है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को न केवल सुविधा मिले बल्कि यात्रा भी पूरी तरह सुरक्षित और संतुलित हो।


 

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