उत्तराखंड

वेतन फर्जीवाड़ा: अब भुगतान का सच आएगा सामने, कर्मचारियों की पासबुक से होगा मिलान

नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के वेतन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद नगर निगम अपनी गलतियों को सुधार रहा है। अब सूची में शामिल सफाई कर्मियों की पासबुक में वेतन भुगतान का मिलान किया जाएगा।साथ ही भौतिक सत्यापन में कार्यरत मिल रहे अब तक गुमनाम रहे कर्मचारियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब कार्यरत कार्मिकों को बैंक खातों में ही वेतन भुगतान किया जाएगा। साथ ही पूर्व में किए जा रहे भुगतान की गड़बड़ियों का भी पता चल सकेगा।

नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था के लिए प्रत्येक वार्ड में दो स्वच्छता समिति गठित की गई थीं। जिनकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय पार्षद के पास थी और संबंधित सुपरवाइजर की ओर से नियुक्त सफाई कर्मियों की सूची नगर निगम को उपलब्ध कराई जाती थी।

मस्टरोल में दर्ज नामों के आधार पर नगर निगम की ओर से प्रत्येक वार्ड में आठ से 12 कर्मचारियों का वेतन स्वच्छता समिति को एकमुश्त दिया जाता रहा। अब बोर्ड भंग होने के बाद सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिसमें पाया गया कि वर्षों से निगम को दर्शाये गए कई कर्मचारी मौके पर मौजूद ही नहीं हैं।

ज्यादातर वार्ड में आधे से अधिक कर्मचारी नदारद पाए गए। जबकि, कई वार्ड में रिकार्ड से इतर अन्य कर्मचारी कार्य करते मिले। अब नगर निगम की ओर से पूर्व में उपलब्ध कराए गए नामों की सूची की पड़ताल की जा रही है। सभी दर्ज कर्मचारियों की पासबुक व खाते की जानकारी जुटाई जा रही है। जिससे पूर्व में किए गए भुगतान का पता चल सके।

वहीं, मौके पर मिल रहे कर्मचारियों के भी बैंक खातों की जानकारी ली जा रही है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अविनाश खन्ना ने बताया कि अब से जो भी कर्मचारी मौके पर कार्य करेगा, उसका वेतन खाते में ही दिया जाएगा। इसके लिए बैंक खातों की जानकारी वित्त अनुभाग को उपलब्ध करा दी जाएगी।

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